नमस्कार दोस्तों, Trending Person के इस ब्लॉग (लेख) में जानेंगे, जगदीप धनखड़ जी के बारे में, जो एक भारतीय राजनीतिज्ञ होने के साथ - साथ भारत के 14 वें उपराष्ट्रपति हैं। राजस्थान के छोटे से गांव में जन्मे जगदीप धनखड़ के देश के दूसरे सबसे सर्वोच्च पद तक पहुंचने का सफर काफी दिलचस्प है. आइये जानते है...
जगदीप धनखड़ का जीवन परिचय (jagdish dhankar biography in hindi)
नाम (Name) | जगदीप धनखड़ |
जन्म तारीख | 18 मई, 1951 |
जन्म स्थान | गांव कैथाना, जिला झुंझुनू, राजस्थान |
पत्नी का नाम | सुदेश धनखड़ |
पिता का नाम | गोकल चंद (Gokal Chand) |
माता का नाम | श्रीमती केसरी देवी (Smt. Kesari Devi) |
बेटी | कामना |
जाती(cast) | जाट |
पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
धर्म | हिन्दू |
शिक्षा | B.sc (Honors ), LLB |
जीवन परिचय
जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक छोटे से गाँव 'कैथाना' में जाट परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम गोकल चंद और मां का नाम केसरी देवी है. जगदीप अपने चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर आते हैं.
उन्होंने गांव के ही सरकारी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की. फिर सैनिक स्कूल में पढ़ाई के बाद उन्होंने राजस्थान के प्रतिष्ठित महाराज कॉलेज, जयपुर से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर फिजिक्स में BSE की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने साल 1978 में जयपुर यूनिवर्सिटी में एलएलबी कोर्स में एडमिशन लिया.
करियर
जगदीप धनखड़ ने कानून की डिग्री लेने के लेने बाद वकालत शुरू कर दी और साल 1990 में उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट का ओहदा दिया गया.
धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट से लेकर देश की कई हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस की है. साल 1988 तक वह देश के प्रतिष्ठित वकीलों में शुमार हो गए थे.
राजनीति करियर
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक करियर करीब 30 सालों का है | वह चंद्रशेखर की सरकार में संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं |
लोकसभा हो या विधानसभा वह जिस सदन के भी सदस्य रहे उसकी अहम समितियों में शामिल रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान में जाट बिरादरी को आरक्षण दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई है.
1989 - धनखड़ का राजनीतिक करियर करीब 30 वर्षों का है. साल 1989 में वह सक्रिय राजनीति में आए और इसी वर्ष 9वीं लोकसभा के लिए झुनझुनू से जनता दल के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार सांसद चुने गए.
1990 - वह चंद्रशेखर की सरकार में 1990 में संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं. इसके बाद उन्होंने राजस्थान की राजनीति में भी हाथ आजमाए.
1993-98 - वह 1993-98 के दौरान 10वीं विधान सभा राजस्थान में किशनगढ़, राजस्थान से विधान सभा के पूर्व सदस्य और राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, जयपुर के पूर्व अध्यक्ष भी रहे।
राज्यपाल
2019 - राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने 20 जुलाई 2019 को धनखड़ को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल (Governor) नियुक्त किया था. अपने बयानों और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ '36 के आंकड़ों' के लिए वह लगातार सुर्खियों में रहे हैं.
उनके और ममता बनर्जी के बीच खुलकर मतभेद नजर आए थे. पश्चिम बंगाल सरकार बतौर राज्यपाल जगदीप धनखड़ को राज्य के निजी विश्वविद्यालयों में 'अतिथि' या 'विजिटर' के तौर पर हटाने के लिए कानून में संशोधन करने के बाद उन्हें उस पद से हटा दिया था.
उपराष्ट्रपति
16 जुलाई 2022 को भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति के 2022 के चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया।
7 अगस्त 2022 को श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। श्री धनखड़ जी 11 अगस्त से भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति पद संभल रहे है।
FAQ
1.जगदीप धनखड़ कौन है?
Ans - जगदीप धनखड़ एक भारतीय राजनीतिज्ञ होने के साथ - साथ भारत के 14 वें उपराष्ट्रपति हैं।
2. जगदीप धनखड़ की बेटी क्या नाम है ?
Ans - कामना.
3. धनखड़ किस जाति में आते हैं ?
Ans - जाट.
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